
ममता बनर्जी को फटकार के साथ नोटिस जारी, खारिज होगा ईडी के खिलाफ दर्ज मामला
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की आईपैक ऑफिस में रेड करने में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दखल और पर ईडी के अधकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर रोक लगा दी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए ममता सरकार को फटकार लगाते हुए ममता बनर्जी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।


सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता में चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था आईपैक पर ईडी की छापेमारी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप किए जाने संबंधी पूरे विवाद की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को बड़ी राहत देते हुए इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पुलिस कमिश्नर, डीजीपी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए तीन फरवरी की तिथि तय की है। वहीं ईडी के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का आदेश दिया है। सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि ममता बनर्जी आरोपी हैं और उन्होंने डीजीपी की मिलीभगत से सबूतों की चोरी की है। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 8 जनवरी 2026 को रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और इलेक्ट्रोनिक उपकरण और दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल डीजीपी भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने ईडी अफसरों के मोबाइल छीन लिए. ममता बनर्जी मीडिया के सामने भी गईं। इस तरह ईडीका मनोबल गिरता है और उनके काम में बाधा का सामना करना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
कोलकाता में आईपैक पर ईडी की छापेमारी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप किए जाने संबंधी पूरे विवाद की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि घटना का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है कि ईडी और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में क्षेत्रीय पुलिस हस्तक्षेप कर रही है। संविधान हरेक व्यवस्था को स्वतंत्र तरीके से काम करने की छूट देता है। ऐसे में एक राज्य की एजेंसी या पुलिस को इस तरह की गतिविधि करने की छूट नहीं दी जा सकती। वहीं अदालत ने कहा कि स्थितियां और बिगड़ने और कानून का राज खत्म हो जाएगा। गौरतलब है कि ईडी ने अपने काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाया खटखटाया था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में इस ममले पर जोरदार सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर अपनी-अपनी दलीलें दी गई।










Total views : 182848