
दुनियाभर में यूपीआई से वैक्सीन तक भारत ने मजबूती के साथ दिखाई ताकत: प्रधानमंत्री
ओ.पी. पाल
नई दिल्ली (लोकपथ लाइव),: संसद के संविधान सदन के केद्रीय कक्ष में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल के पीठासीन अधिकारियों और सभापतियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के 53 राष्ट्रीय संसदों के सभापति एवं पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने यूपीआई से वैक्सीन तक दुनियाभर में अपनी मजबूत मौजूदगी दिखाई है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संविधान सदन के केद्रीय कक्ष में राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करते हुए भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, आर्थिक उपलब्धियों, सामाजिक समावेशन और वैश्विक योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है, बल्कि हमारे मूल्यों, सोच और कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। भारत का यूपीआई दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली बन चुका है। वहीं भारत विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक देश है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक है और यहां तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम मौजूद है। वैश्विक विमानन बाजार में भारत तीसरे स्थान पर है, जबकि दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क और तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क भी भारत के पास है। इसके अलावा भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक और तीसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है।

‘डेमोक्रेसी डिलीवर्स,’ बना भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने सार्वजनिक कल्याण की भावना की सोच के साथ पिछले कुछ वर्षों में देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जो ‘डेमोक्रेसी डिलीवर्स,’ यानी लोकतंत्र के परिणाम है। पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बीच भारत ने 150 से अधिक देशों को दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराईं। लोगों का स्वास्थ्य, कल्याण और भलाई भारत के मूल्यों में निहित है, और ये मूल्य हमें हमारे लोकतंत्र से मिले हैं। प्रधानमंत्री ने भारत के लोकतंत्र के विशाल स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। महिलाओं की भूमिका पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारतीय महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रहीं, बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति एक महिला हैं और जिस दिल्ली शहर में यह सम्मेलन हो रहा है, वहां की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। ग्रामीण और स्थानीय निकायों में करीब 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं, जो लगभग 50 प्रतिशत जमीनी स्तर के नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर बेजोड़ है। भारत की विविधता का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं और 900 से अधिक टीवी चैनल विभिन्न भाषाओं में प्रसारित होते हैं।
विश्व में संसदीय परंपराओं को मजबूत करता भारत: ओम बिरला
इस तीन दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ के रुप में भारत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सुधारों के कारण भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की संसद ने सात दशकों से अधिक की यात्रा में जन-केंद्रित नीतियों, कल्याणकारी कानूनों और निष्पक्ष निर्वाचन प्रणाली के माध्यम से लोकतंत्र को सशक्त बनाया है, जिससे प्रत्येक नागरिक की लोकतंत्र में भागीदारी सुनिश्चित हुई है। इससे लोगों की लोकतंत्र के प्रति आस्था बढ़ी है। उन्होंने कहा कि संसद और सरकार के साझा प्रयासों से अनावश्यक कानूनों को हटाया गया और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नीतियाँ बनाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप देश आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि एआई और सोशल मीडिया ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की दक्षता-कार्यकुशलता बढ़ाई है, लेकिन इनके दुरुपयोग से गलत सूचना और सामाजिक विभाजन जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं।










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