
तनाव के बीच छावनी में तब्दील हुआ सरधना का कपसाड़ गांव
पीड़ित परिवार के घर पर जाने के प्रयास में पुलिस बल के साथ झड़पें
लोकपथ लाइव, सरधना: मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में मां की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद हालात तनावपूर्ण होने के कारण गांव छावनी में तब्दील हो चुका है, जहां सियासी दल के नेताओं के पहुंचने के सिलसिले से राजनीतिक सरगर्मी भी तेज होती नजर आ रही है।


मेरठ के गांव कपसाड़ में 20 साल की युवती रूबी के अपहरण और उसकी मां सुनीता की हत्याा के बाद तनाव के कारण पुलिस बल और अर्धसैनिक सुरक्षा बल भरी संख्या में तैनात है। वहीं पुलिस की टीमें आरोपियों की धरपकड़ करने मे जुटी हैं। दूसरी और इस घटना को लेकर सियासी सरगर्मी भी बढ़ने लगी है। गांव के सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और कड़ी पूछताछ के बाद ही लोगों को गांव में प्रवेश दिया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह सख्ती करना जरुरी है। यही कारण रहा कि शुक्रवार को जब समाजवादी पार्टी के नेताओं ने गांव में घुसने का प्रयास किया, तो वहां तैनात पुलिस बल ने बैरीकेड लगाकर उनको रोकने का प्रयास किया। इस पर सपा विधायक अतुल प्रधान की गांव में जाने के प्रयास में पुलिस के साथ बहस और तीखी झड़पें भी हुई। इसके बाद वे समर्थकों के साथ् धरने पर बैठ गये। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक संगीत सोम भी गांव में पहुंचे और समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान के साथ वे भी पीड़ित परिवार के घर के बाहर एक साथ बैठे नजर आए। लेकिन जब परिजन खुद अतुल प्रधान के पास पहुंचे, तो पुलिस को उन्हें जाने देना पड़ा।

एक दूसरे दलों पर आरोप प्रत्यारोप
बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने साफ शब्दों में कहा कि यह सपा सरकार नहीं बल्कि बीजेपी की सरकार है और यहां जाति या धर्म देखकर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि आरोपी किसी भी मजहब का हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा। संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सपा गंदी राजनीति कर रही है और अपने नेताओं को भेजकर माहौल को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। वहीं पीड़ित परिजनों से मिलने कपसाड़ गांव पहुंचे समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने भी 48 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और अपहृत बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग की और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, इसलिए उन्होंने अपनी ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है और हर स्तर पर परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया है। इसी प्रकार भीमा आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी कपसाड़ गांव आने का ऐलान किया है। उन्होंतने कहा कि वह पीड़ित परिवार को न्यााय दिलाकर रहेंगे।
क्या है घटना
बताया जा रहा है कि रास्ते में गांव के ही राजपूत समाज के कुछ युवकों ने उन्हेंय जबरन रोक लिया। मां बेटी के साथ अभद्रता कर दी। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए महिला के सिर पर धारदार हथियार से कई वार कर दिए। महिला के बेहोश होने पर बेटी को जबरन उठाकर ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घायल मां को मोदीपुरम अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।











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