
उत्कृष्ट शासन पद्धतियों और संस्थान निर्माण की असाधारण क्षमता के लिए हुए सम्मानित
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली/रोहतक: भारतीय प्रबंधन संस्थान(आईआईएम) रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस की पुरस्कार एवं प्रशंसा समिति द्वारा ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।


नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस के दौरान एक पुरस्कार समारोह में आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इस मौके पर अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो काउचिनो, अंतर-धार्मिक संवाद के वैश्विक विशेषज्ञ एवं कार्मेलाइट्स ऑफ मैरी इमैक्युलेट से जुड़े फादर रोबी कन्ननचिरा, मोंटेनेग्रो की मानद कौंसुल जनरल महामहिम डॉ. जैनिस दरबारी, ग्लोबल पीस फाउंडेशन-इंडिया के अध्यक्ष एवं अरुणाचल प्रदेश स्थित इंदिरा गांधी टेक्नोलॉजिकल एंड मेडिकल साइंसेज़ यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. मार्कंडेय राय, अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत जेस्पर मोलर सोरेनसन तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट के संस्थापक अध्यक्ष, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के अध्यक्ष एवं 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. प्रिया रंजन त्रिवेदी के अलावा देशभर से कई कुलपति, प्रमुख संस्थानों के निदेशक, वरिष्ठ शिक्षाविद्, नीति-निर्माता और विचारक शामिल रहे।

नीति-निर्माण और राष्ट्रीय विकास योगदान
विश्वभर से ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ के लिए 1,400 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल सात व्यक्तियों का चयन किया गया, जिसमें आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को भी उनके दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट शासन पद्धतियों और संस्थान निर्माण की असाधारण क्षमता के लिए सम्मानित किया गया। प्रो. धीरज शर्मा के नेतृत्व में आईआईएम रोहतक ने एसोसिएशन ऑफ एमबीएज़ और बिज़नेस ग्रेजुएट्स एसोसिएशन से अंतरराष्ट्रीय मान्यताएं प्राप्त कीं, जिससे संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक गुणवत्ता, शासन और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हुई। उनके कार्यकाल की एक प्रमुख उपलब्धि वर्ष 2018 में आईआईएम रोहतक का स्थायी परिसर में सफल स्थानांतरण रहा, जो अनुमानित लागत से कम में पूरा हुआ। एक प्रतिष्ठित शोधकर्ता के रूप में, प्रो. शर्मा को वर्ष 2023 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी टॉप 2 प्रतिशत शोधकर्ताओं की सूची में स्थान मिला। उन्होंने गृह मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, उपभोक्ता कार्य मंत्रालय तथा वाणिज्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित कई उच्च प्रभाव वाले शोध प्रोजेक्ट्स में प्रमुख अन्वेषक के रूप में कार्य किया है, जिससे नीति-निर्माण और राष्ट्रीय विकास को महत्वपूर्ण योगदान मिला।
मानव समाज का निर्माण जरुरी
पुरस्कार स्वीकार करते हुए प्रो. धीरज शर्मा ने उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट नेतृत्व पर कहा कि आईआईएम की सफलता का आधार उनकी वित्तीय स्वतंत्रता है, जिससे वे संचालन और पूंजीगत व्यय का उत्तरदायी प्रबंधन कर पाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा को रोजगारपरक बनाना आईआईएम की नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि छात्रों की क्षमताओं को बाजार में पहचान और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि विश्वास, भाषा विकास और संज्ञानात्मक क्षमता जैसे मूलभूत गुण प्रारंभिक जीवन अनुभवों से विकसित होते हैं और शिक्षा में महान नेतृत्व का उद्देश्य केवल भौतिक अवसंरचना का विकास नहीं, बल्कि मूल्य-आधारित नागरिकों और बेहतर मानव समाज का निर्माण होना चाहिए। प्रारंभिक बाल शिक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रो. शर्मा ने प्री-स्कूल शिक्षा क्षेत्र में नियमन की कमी और परीक्षा-केंद्रित सफलता तथा बुनियादी सीखने के बीच बढ़ते अंतर की ओर ध्यान आकर्षित किया।











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