
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में व्यापार और उद्योग की गतिविधियों में लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर जीएसटी पंजीकरण के आंकड़ों पर पड़ा है। लोहा, पेपर उद्योग सहित विभिन्न प्रकार के लघु व मध्यम उद्योगों के साथ-साथ थोक और फुटकर व्यापार की मजबूत उपस्थिति के चलते जिले में हर वर्ष नए व्यापारी जीएसटी के दायरे में आ रहे हैं।


वर्ष 2025 में 326 अधिक पंजीकरण

जीएसटी विभाग द्वारा कर अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर पंजीकरण अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों और व्यापारिक जागरूकता का ही परिणाम है कि बीते दो वर्षों में जीएसटी पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में जिले में 2284 नए व्यापारियों ने जीएसटी पंजीकरण कराया था, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 2610 तक पहुंच गई। यानी एक वर्ष में करीब 326 व्यापारियों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो मुजफ्फरनगर जिले में कुल सक्रिय जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 28 हजार 585 हो गई है। यह आंकड़ा जिले की आर्थिक गतिविधियों में तेजी और व्यापारिक विस्तार को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिले की भौगोलिक स्थिति, बेहतर सड़क संपर्क और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल के कारण यहां व्यापार लगातार बढ़ रहा है।
स्टेट जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त राजनाथ तिवारी का कहना है कि आगे भी पंजीकरण अभियान जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक व्यापारियों को कर प्रणाली से जोड़ा जा सके। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि व्यापार को भी संगठित और पारदर्शी स्वरूप मिलेगा।











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