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पश्चिम बंगाल: ईडी के आईपैक के दफ्तरों पर छापेमरी से उड़ी ममता की नींद!

आईपैक ने ईडी के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट कराई, तो ईडी हाईकोर्ट पहुंची
ईडी की स्ट्राइक के बाद दिल्ली तक घमासान के बाद गरमाई सियासत
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईपैक कंपनी (इंडियन पोल्टिकल एक्शन कमेटी) के दफ्तरों और कंपनी के मालिक प्रतीक जैन के अवास पर गुरुवार को छापेमारी की। ईडी की इस स्ट्राइक से कोलकाता से लेकर दिल्ली तक ऐसा सियासी भूचाल खड़ा कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की नींद उड़ती नजर आई। शायद इसी लिए वह प्रतीक जैन के बचाव में मौके पर पंहुचकर ईडी से भिड़ गई।

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दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक उस वक्त हंगामा मच गया, जब सुबह तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी बिसात बिछाने वाली एक राजनीतिक परामर्श फर्म आईपैक कंपनी (इंडियन पोल्टिकल एक्शन कमेटी) के ऑफिस और फर्म के मुखिया प्रतीक जैन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी शुरु हुई। ईडी ने यह कार्यवाही कथित करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में में आईपैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास और दिल्ली में चार ठिकाने समेत करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी करके की है। पुलिस के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 6 बजे प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर ईडी की 9 घंटे यानी करीब 3 बजे तक चली छापेमारी चली। इसके बाद प्रतीक जैन की पत्नी ने शेक्सपियर सरणी थाने में शिकायत दर्ज कराते आरोप लगाया गया है कि छापेमारी के दौरान घर से जरूरी दस्तावेज गायब हो गए। उन्होंने कहा कि ईडी के खिलाफ चोरी का औपचारिक आरोप मिला है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर ईडी ने जांच में हस्तक्षेप का मामला अदालत के सामने रखा है, जिससे यह पूरा प्रकरण राजनीतिक और कानूनी तौर पर गरमाता नजर आ रहा है।

ममता बनर्जी ने एजेंसी को घेरा
ईडी की छापेमारी की सूचना मिलने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक दक्षिण कोलकाता में प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक में उनके ऑफिस पहुंचीं। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी टीएमसी के अंदरूनी दस्तावेज, हार्ड डिस्क और चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डेटा को जब्त करने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि आईपैक कंपनी तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक परामर्श के अलावा पार्टी के आईटी और मीडिया सेल का भी काम देखती है।

हाईकोर्ट पंहुची ईडी
आईपैक कंपनी की ओर से दर्ज कराये गये मामले के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक याचिका दायर करने की इजाजत मांगी, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया गया है कि बनर्जी व उसके सहयोगियों ने जांच में सीधे तौर पर बाधा डाली और सबूत मिटाये। वहीं आरोप है कि पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आईपैक के ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर रेड के दौरान उसकी जांच में दखल दिया गया। एजेंसी के वकील ने न्यायमूर्ति सुव्रा घोष के समक्ष कहा कि एजेंसी को जांच के दौरान बाधा पहुंचाई गई और उसे बिना हस्तक्षेप के जांच करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उनके सहयोगियों और पुलिसकर्मियों ने प्रतीक जैन के आवास में प्रवेश कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले लिए। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि सॉल्ट लेक स्थित आईपैक कार्यालय से भी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटाए गए। ईडी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम की कार्रवाई में गंभीर अवरोध और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बताया है।

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