
वित्तीय अनियमितता में दोषी अधकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
लोकपथ लाइव, चंडीगढ़: हरियाणा शिक्षा विभाग 2017 बैच के जेबीटी शिक्षकों की भर्ती से जुड़े वित्तीय अनियमितता प्रकरण में 10 जिलों के 89 शिक्षकों और प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार है। यह मामला इन जेबीटी शिक्षकों को दिए गए नोशनल पीरियड एरियर के गलत भुगतान से जुड़ा है।


शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2021 में नोशनल लाभ के जारी आदेश में मार्च 2019 से मार्च 2021 तक के वास्तविक रेगुलर सर्विस पीरियड के अनुसार पे-डिफरेंस एरियर दिया जाना था, लेकिन डीडीओ स्तर पर आदेशों का उल्लंघन करते हुए तदर्थ अवधि को भी नियमित सेवा मान कर कुठ जिलों में अतिरिक्त एरियर की राशि जारी कर दी गई। इस वित्तीय अनियमितता प्रकरण को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया और जांच करते हुए कार्रवाई शुरु की। शिक्षा विभाग ने 2021-22 में रिकवरी और कारण बताओं नोटिस जारी किये थे, लेकिन इसके बावजूद उक्त अवधि में जारी अतिरिक्त भुगतान की वसूली नहीं हुई। बताया जा रहा है कि महानिदेशक मौलिक शिक्षा कार्यालय ने सभी जिलों को इस मामले को गंभीरता से लेने और तय समय सीमा में पूरी जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं ताकि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। यह आदेश प्रशासनिक अधिकारी द्वारा महानिदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा की ओर से जारी किया गया है। मसलन शिक्षा निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से संबंधित सभी शिक्षकों और प्राचार्यों की वर्तमान पोस्टिंग के साथ उनके स्तर पर जारी सैंक्शन ऑर्डर की प्रतियां तत्काल भेजने का फरमान जारी किया है, ताकि दोषी शिक्षकों और प्राचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।

इन जिलों में हुआ नियमों का उल्लंघन
महानिदेशक मौलिक शिक्षा की ओर से जारी पत्र में फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, करनाल, नूंह, नारनौल, रेवाड़ी, रोहतक और सोनीपत के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित मामलों में जिन प्रधानाध्यापकों ने एरियर भुगतान से संबंधित स्वीकृति जारी की थी उनकी वर्तमान पोस्टिंग, कर्मचारी आईडी और स्वीकृति आदेशों की प्रति जल्द से जल्द निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन जानकारियों के आधार पर मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि एरियर भुगतान प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है जिसकी जिम्मेदारी तय की जानी आवश्यक है।
क्या है मामला
दरअसल हरियाणा में वर्ष 2012 में 9455 जेबीटी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन कानूनी विवादों के के कारण उनकी नियुक्ति प्रक्रिया मई 2017 में शुरु हुई और दिसंबर 2017 में अनेक अभ्यर्थियों को तदर्थ आधार पर नियुक्ति में समायोजित किया गया। इसी दौरान वित्तीय अनियमितता प्रकरण ने जन्म लिया और इस सेवा अवधि में 10 जिलों में तदर्थ शिक्षको को नियमित सेवा मानकर पे-डिफरेंस एरियर का भुगतान कर दिया गया, जो जारी आदेश का उल्लंघन माना गया है।











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