
गृह मंत्री अमित शाह ने की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी
जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे कार चालक के तार
LP Live, New Delhi: सोमवार को दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार के बम विस्फोट के मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के घर हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में आतंकवाद के खिलाफ रणनीति तैयार की गई। वहीं मंगलवार को विस्फोट मामले यूएपीए के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर छापेमारी भी चल रही है। प्रारंभिक जांच में यह घटना फरीदाबाद आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़ा मिला है।


दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार की शाम हुए कार के बम विस्फोट में नौ लोग मारे गए और 20 व्यक्ति घायल हो गए थे। दिल्ली ब्लास्ट के बाद देश के अधिकांश राज्यों में सुरक्षा के लिहाज से अलर्ट जारी हो गया था, जिसके तहत पुलिस की सघन चैकिंग हो रही है। वहीं इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के घर पर उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की गई। वहीं आईजी सीआरपीएफ राजेश अग्रवाल दिल्ली लाल किला विस्फोट स्थल पर पहुंचे और कहा कि सीआरपीएफ दिल्ली पुलिस को हर आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम के तहत आतंकवादी हमला मामले की साजिश एवं ऐसे मामलों में सजा से संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं साजिशकर्ताओं की तलाश में दिल्ली पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर रही है और राष्ट्रीय राजधानी को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है तथा हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल सामने आया
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि लाल किले के पास हुए विस्फोट में संभवत: अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया है। इस विस्फोट में कम से कम नौ लोग मारे गए और 20 घायल हुए हैं। पुलिस सत्रों की माने तो प्रारंभिक जांच से दिल्ली विस्फोट और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के बीच संभावित संबंध का संकेत मिलता है, जहां से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया था। पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में “मास्क पहने हुए एक व्यक्ति” को कार चलाते हुए देखा जा सकता है। उसने कहा कि कई टीम को लाल किले और उसके आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के लिए तैनात किया गया है।
कार चालक की साने आई तस्वीर
दिल्ली के इस आत्मघाती आतंकी घटना में आई-20 के चालक की तस्वीर सामने आ गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी पहचान डॉ. उमर के रूप में की हैए जो जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। पुलिस ने जांच में पाया कि यह कार दो बार बेची गई थी। उमर ने इसको फरीदाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति से खरीदा था। दूसरी तरफ उमर कट्टरपंथी विचारों से प्रेरित था और पुलिस सूत्रों का कहना है कि पेशे से डॉक्टर उमर मोहम्मद कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा था। वह मूल रूप से कोइल, पुलवामा, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला था। उसका जन्म 24 फरवरी 1989 में नबी भट के यहां हुआ था। वह श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की पढ़ाई पूरी कर अल-फलाह मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में काम कर रहा था। इससे पहले उसने कुछ समय जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया था। वह डॉ. आदिल का करीबी था। दोनों टेलीग्राम चैनल पर लगातार संपर्क में रहते थे। दोनों ही सक्रिय कट्टरपंथी डॉक्टरों के टेलीग्राम चैनल के समूह का हिस्सा थे।
कश्मीर-फरीदाबाद का कनेक्शन
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस बीते कई दिनों से आतंकियों की धरपकड़ कर रही थीं। इस अभियान के तहत सोमवार की सुबह फरीदाबाद में डॉ मुजम्मिल के घर से 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था। उसके बाद ही शाम को दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी आइ-20 कार में विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आने से छह गाड़ियों पूरी तरह तबाह हो गईं। 20 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।











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