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‘लोक स्वर’ उत्सव: हरियाणवी रागनियों और फाग गीतों पर झूमें दर्शक

‘लोक स्वर’ उत्सव: हरियाणवी रागनियों और फाग गीतों पर झूमें दर्शक
हरियाणवी लोक कलाकारों ने अपनी कला से बांधा समां
लोकपथ लाइव, सोनीपत: जीवीएम गर्ल्स कॉलेज के ‘लोक स्वर’ उत्सव में हरियाणवी रागिनी गायन कार्यक्रम में प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकारों ने अपनी कला की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहते हुए समां बांध दिया।

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एनसीजेडसीसी द्वारा गीता विद्या मंदिर (जीवीएम) गर्ल्स कॉलेज के इंद्रधनुष सभागार में आयोजित तीन दिवसीय ‘लोक स्वर’ उत्सव के दूसरे दिन हरियाणवी रागिनी गायन कार्यक्रम में हरियाणवी लोक संस्कृति की सोंधी खुशबू बिखेरते हुए राज्य के प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि सभागार में मौजूद छात्राएं और दर्शक झूमने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि इंदीवर शर्मा, डीएसपी स्पेशल टास्क फोर्स, हरियाणा पुलिस एवं महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. ओ.पी. परूथी तथा प्राचार्या डॉ. मंजुला स्पाह ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात अतिथियों और कलाकारों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के संचालक दिनेश शर्मा ‘दिनेश’ द्वारा लोक कलाकारों को मंच पर आमंत्रित करते ही हरियाणवी वाद्य यंत्रों की गूंज से माहौल जीवंत हो उठा। लोक गायिका निशा जांगड़ा ने देशभक्ति से ओत-प्रोत रागिनी ‘गोरखपुर की जेल में बैठा देश धर्म का परवाना’ से प्रस्तुति की शुरुआत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीण जीवन की स्मृतियों को ताजा करते हुए ‘ऊंचा डाला पीपल का कदे झूल घलया करदी’ प्रस्तुत की।

हास्य रागिनी ने मोहा मन
वरिष्ठ लोक कलाकार इन्द्र सिंह लांबा ने ‘धन्य-धन्य धरा हरियाणा की भूमि’ के माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली परंपरा का गुणगान किया। इसके बाद उनकी ‘हे कोई मत करवाओ शादी कॉलेज के छोरे तै’ पर सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। सुप्रसिद्ध गायिका राजबाला, बहादुरगढ़ ने शिव-पार्वती संवाद पर आधारित भजन ‘तू राजा की राजदुलारी’ से आध्यात्मिक रंग बिखेरा। अंत में उन्होंने फाग गीतों की प्रस्तुति देकर वसंत और होली के आगमन का संदेश दिया, जिससे छात्राओं में उत्साह का संचार हुआ।

सामाजिक मूल्यों की संवाहक रागिनियां
मुख्य अतिथि इंदीवर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणवी रागिनियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारे इतिहास, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की संवाहक हैं। जबकि अध्यक्ष डॉ. ओ.पी. परूथी ने आयोजन की सफलता पर बधाई देने के साथ भविष्य में भी महाविद्यालय में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का वादा किया। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या डॉ. मंजुला स्पाह ने सभी कलाकारों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। लोक स्वर उत्सव की परिकल्पना एन सी जेड सी सी के निदेशक सुदेश शर्मा द्वारा की गई है l कार्यक्रम के प्रभारी अजय गुप्ता ने बताया कि उत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के नामचीन कवि अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे।

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